विरोध-प्रदर्शनों में नाराज़गी केवल चुनाव आयोग से है या मोदी सरकार के रवैये से?

विरोध-प्रदर्शनों में नाराज़गी केवल चुनाव आयोग से है या मोदी सरकार के रवैये से?
शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोगों का मौलिक अधिकार है लेकिन पुलिस इसकी इजाज़त नहीं दे रही है. सरकार भी सख़्ती से पेश आ रही है. इसका असर आगामी चुनावों पर क्या होगा?