‘मैं खुलकर ग़ुस्सा जताती हूँ, मुझे परवाह नहीं’ महिलाएं अब अपना ग़ुस्सा क्यों नहीं दबा रहीं?

‘मैं खुलकर ग़ुस्सा जताती हूँ, मुझे परवाह नहीं’ महिलाएं अब अपना ग़ुस्सा क्यों नहीं दबा रहीं?
संगीत कलाकार चेस गैलिया पहले अपने ग़ुस्से को दबाकर रखती थीं. उन्हें डर था कि लोग उन्हें “हद से ज़्यादा भावुक” या “साथ काम करने में मुश्किल” महिला कहेंगे.